बाब समरीन मोरक्को के फ़ेज़ में फ़ेज़ अल-जदीद के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर बना एक भव्य दरवाज़ा है। फ़ेज़ अल-जदीद और मल्लाह के बीच स्थित यह उस जगह को चिह्नित करता है जहाँ शहर की सड़कें और ऐतिहासिक इलाके मिलते हैं। यह दरवाज़ा फ़ेज़ के तीन सितारा होटल होटल बाथा से लगभग 1.0 किमी दूर है।
- स्थान: फ़ेज़ अल-जदीद का दक्षिणी प्रवेश द्वार
- ऐतिहासिक नाम: “नालबाज़ों का दरवाज़ा”
- नींव: लगभग 1276 ईस्वी
- बड़ा पुनर्निर्माण या बदलाव: 1924
फ़ेज़ में बाब समरीन कहाँ है?

शहर में बाब समरीन की क्या भूमिका है?

बाब समरीन नाम का अर्थ है “नालबाज़ों का दरवाज़ा”; यह नाम कभी पास में मौजूद नालबाज़ों की दुकानों की ओर इशारा करता है। इसका मूल नाम बाब ‘ओयून संहाजा था, जिसका अनुवाद “संहाजा के (जल) स्रोतों का दरवाज़ा” है।
इस दरवाज़े की नींव लगभग 1276 ईस्वी में रखी गई थी और 1924 में इसका बड़ा पुनर्निर्माण या बदलाव हुआ। एक ऐतिहासिक विवरण के अनुसार, उस वर्ष से आवागमन की सुविधा के लिए इसके प्रवेश-मार्गों में बदलाव किए गए, जिनमें दरवाज़े के आर-पार जाने वाले रास्ते में बदलाव भी शामिल था। 1938 की शरद ऋतु में दो चौड़े, सममित प्रवेश-द्वार बनाए गए।
बाथा इलाके से बाब समरीन कैसे पहुँचें?

अगर आप शहर में पैदल घूमने की योजना बना रहे हैं, तो नक्शे पर दिखाया गया हरा मार्ग आपको दरवाज़े के आसपास के पड़ावों का क्रम बताता है। बाथा से मदीना के दर्शनीय स्थलों तक फ़ेज़ का पैदल मार्ग भी बाथा इलाके से सैर की योजना बनाने का एक और तरीका है।
लंबी यात्रा-योजना के लिए, फ़ेज़ का एक-दिवसीय मार्ग भी बाथा से शुरू होता है।
जाने से पहले किन बातों की जाँच करें?

आवागमन की सुविधा के लिए इस दरवाज़े में लंबे समय से बदलाव होते रहे हैं, इसलिए ऐतिहासिक यातायात प्रतिबंधों को मौजूदा नियम न मानें। 1938 के एक विवरण में कहा गया था कि विशेष अनुमति के बिना बाब समरीन और ग्रांद रू पर ट्रकों, बसों और गाड़ियों का आना-जाना मना था; यह प्रतिबंध ऐतिहासिक है और आज के नियमों की पुष्टि नहीं करता।
जाने से पहले, प्रवेश से जुड़ी मौजूदा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें। पर्यटन-मार्ग का नक्शा पड़ावों की पहचान करता है, लेकिन पैदल मार्ग या बाथा से दरवाज़े तक की दूरी नहीं बताता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बाब समरीन का क्या अर्थ है?
बाब समरीन का अर्थ है “नालबाज़ों का दरवाज़ा”; यह नाम कभी पास में मौजूद नालबाज़ों की दुकानों की ओर इशारा करता है। इसका मूल नाम बाब ‘ओयून संहाजा था।
बाब समरीन कब बनाया गया था?
इस दरवाज़े की नींव लगभग 1276 ईस्वी में रखी गई थी। 1924 में इसका बड़ा पुनर्निर्माण या बदलाव हुआ।
बाब समरीन किन इलाकों को जोड़ता है?
बाब समरीन मल्लाह और फ़ेज़ अल-जदीद के बीच, फ़ेज़ अल-जदीद के दक्षिणी प्रवेश द्वार पर स्थित है।
